रायपुर

एमएस पैकरा द्वारा लिखी कथा संग्रह ‘महुआ फूल’ पर साहित्यकारो की चर्चा आयोजित , पुस्तक का विमोचन संपन्न

रायपुर , 11 अगस्त 2025 // सेवा निवृत्त आईएएस एवं लेखक एमएस पैकरा की कहानी संग्रह ‘महुआ फूल’ एवं अन्य कहानिया’ं पुस्तक का विमोचन कार्यक्रम में वरिष्ठ साहित्यकारों ने पुस्तक पर चर्चा करते हुए अपने-अपने विचार व्यक्त किये। पुस्तक विमोचन कार्यक्रम का आयोजन आम्रपाली सभागार में किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त आईएएस एवं अध्यक्ष छग पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग आरएस विश्वकर्मा, कार्यक्रम के अध्यक्ष सेवा निवृत्त आईएएस एवं लेखक डॉ. सुशील त्रिवेदी, विशेष अतिथि सेवा निवृत्त आईएफएस अध्यक्ष आम्रपाली आईएन सिंह, सेवा निवृत्त अधिकारी बीपीए नेताम तथा भारत सिंह का पुष्पगुच्छ से स्वागत किया गया।
लेखक श्री पैकरा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पुस्तक के बारे में बताया कि पुस्तक की सभी 16 कहानियां ग्रामीण परिवेश को केंद्रित कर लिखि गई है।
श्री पैकरा ने बताया कि उन्होने अब तक 7 पुस्तके लिखि है, इनमे से 3 पुस्तक उनकी आत्म कथा है उन्होने कहा कि अस्वस्थ हूं इसलिए कहानियां बोल-बोलकर लिखवाता हूं इस कार्य में मेरी बेटी रुपाली पैकरा और मेरी पत्नि ने मुझे पुरा भरपूर सहयोग किया है।
‘महुआ फूल’ कहानी संग्रह में कुल 16 कहानियां है इनमे से दो कहानियां उनकी पुत्री ने लिखा है। पुत्री रुपाली कविता भी लिखती है। श्री पैकरा ने कहा कि कहानियां और उनके पात्र काल्पनिक है कहानियां युवा पीढ़ी के लिए शिक्षाप्रद और ज्ञानवर्धक है। उन्होने इस अवसर पर अपनी संगीत कला का परिचय देते हुए भजन भी प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम के विशेष अतिथि सेवा निवृत्त आईएफएस अध्यक्ष आम्रपाली डॉ. आईएन सिंह ने पुस्तक पर चर्चा करते हुए कहा कि श्री पैकरा जी द्वारा लिखि गई 16 कहानियां प्रेरणादायी है, श्री सिंह ने कहा कि हमारा शरीर परोपकार के लिए ही बना है श्री पैकरा अस्वस्थ रहते हुए भी लेखन कार्य संपन्न कर रहे है वे बधाई के पात्र है। श्री सिंह ने कहा कि कहानियों से ग्रामीण युवा पीढ़ी को प्रेरणा मिलेगी, कहानियों में जल संरक्षण और न्याय पर लिखा गया है। इन कहानियों में छत्तीसगढ़ के वनग्रामों की तस्वीर प्रस्तुत की गई है।श्री सिंह ने कहानी का उल्लेख करते हुए कहा कि न्याय में विलंब होना भी अन्याय के बराबर है।
कार्यक्रम के मुुख्य अतिथि सेवा निवृत्त आईएएस अध्यक्ष छग पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग ने इस अवसर कहा कि ‘महुआ फूल’ कथा संग्रह ग्रामीण परिवेश में आम परिवार किस तरह की समस्याओ से जुझता है यह परिलक्षित होता है।
आदिवासी अंचलो में जिवकोपार्जन में होने वाली कठिनाईयां और गरीबी के उपर उठने के लिए सरकारी योजनाओं का कैसे वृहद लाभ लिया जा सकता है यह कहानी पढक़र जाना जा सकता है। उन्होने श्री पैकरा को पुस्तक लेखन के लिए बधाई दी।
कार्यक्रम के अध्यक्ष सेवा निवृत्त आईएएस एवं वरिष्ठ लेखक डॉ. सुशील त्रिवेदी ने कहा कि पैकरा जी की कहानियों में प्रकृति की वापसी देखने को मिलती यह बात इस पुस्तक को खास बनाती है, ‘महुआ फूल’ कहानी संग्रह युवाओं के लिए प्रेरणा श्रोत है। श्री त्रिवेदी ने कहानियों की व्याख्या करते हुए कहा कि कहानियां वो होती है जो बोली जाय और सुनी जाय।
‘महुआ फूल’ एवं अन्य कहानियां पुस्तक का प्रकाशन वैभव प्रकाशन द्वारा संपन्न किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित सेवा निवृत्त इंजीनियर एवं अधिवक्ता महेश कुमार शर्मा ने मंच का संचालन किया।
पुस्तक विमोचन के अवसर पर लेखक एमएस पैकरा की पत्नि, पुत्र, पुत्री और परिजन उपस्थित थे। इस अवसर पर अनेक साहित्यकार, कवि, आम्रपाली संचालकगण तथा बड़ी संख्या में आम्रपाली निवासी मौजूद थे।

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