
श्रम विभाग के श्रम निरीक्षक को रिश्वत मांगने और लेते रंगे हाथ पकड़े जाने पर विशेष न्यायालय ने 3 वर्ष का कठोर कारावास तथा 50,000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई ।
जशपुरनगर, 22 नवंबर 2025 // जशपुर जिले में भ्रष्टाचार के एक गंभीर मामले में श्रम विभाग के श्रम निरीक्षक सुरेश कुर्रे को रिश्वत मांगने और लेते रंगे हाथ पकड़े जाने के मामले में विशेष न्यायालय ने 3 वर्ष का कठोर कारावास तथा 50,000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई । अर्थदंड अदा न करने पर आरोपी को 6 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। प्रार्थी रमेश कुमार यादव, निवासी बूढ़ाडांड़, बगीचा, जशपुर ने 26 सितंबर 2019 को एंटी करप्शन ब्यूरो, बिलासपुर में शिकायत दर्ज कराई थी , उनकी संस्था छत्तीसगढ़ अभिनंदन एजुकेशनल एंड सोशल वेलफेयर सोसायटी, कोतबा द्वारा जशपुर जिले में श्रम विभाग की स्वीकृति से लगभग 320 लोगों को मेशन जनरल और असिस्टेंट इल्ट्रिरशियन ट्रेड में प्रशिक्षण दिया गया था।
प्रशिक्षण पूरा होने के बाद संस्था ने 6,37,000 रुपये का बिल भुगतान हेतु श्रम विभाग में प्रस्तुत किया। बिल को स्वीकृत कर भुगतान करने के एवज में श्रम निरीक्षक सुरेश कुर्रे ने पहले 1 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की। शिकायत की सत्यापन प्रक्रिया में आरोपी ने राशि बढ़ाकर 1 लाख 90 हजार मांगे ।
पूरे मामले में विशेष भ्रष्टाचार निवारण न्यायालय, अधिनियम, जशपुर ने आरोपी सुरेश कुर्रे को दोषी पाते हुए 3 वर्ष का कठोर कारावास 50,000 रुपये अर्थदंड तथा जुमार्ना न चुकाने की स्थिति में 6 माह का अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई
14 अक्टूबर 2019 को एसीबी द्वारा ट्रैप की कार्रवाई की गई थी। प्रार्थी से रिश्वत की पहली किश्त 40,000 रुपये लेते हुए आरोपी को कार्यालय श्रम पदाधिकारी जशपुर के प्रांगण में पंच साक्षियों के समक्ष रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद उसके खिलाफ धारा 7, पी.सी. एक्ट 1988 के तहत मामला दर्ज किया गया। विवेचना पूर्ण कर 26 जून 2020 को विशेष न्यायालय जशपुर में




