रायपुर

शराब घोटाला मामले में आरोपी अधिकारियों को सुप्रीम कोर्ट से मिली अग्रिम जमानत

रायपुर,29 अगस्त 2025 //छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में 28 अफसरों को सुप्रीम कोर्ट से अग्रिम जमानत मिल गई है। सुप्रीम कोर्ट ने शर्तों के साथ जमानत दी है।

ईओडब्ल्यू ने 32 सौ करोड़ रुपए का घोटाला बताया है। इन अफसरों को गिरफ्तार न करते हुए ब्यूरो ने आबकारी विभाग से जुड़े 29 अफसरों के खिलाफ चालान पेश किया था।
29 अफसरों में से 7 रिटायर हो चुके हैं। बाकी बचे 22 अधिकारियों को सरकार ने सस्पेंड कर दिया है।

ईओडब्ल्यू ने गरीबपाल दर्दी, नोहर सिंह ठाकुर, सोनल नेताम, अलेख राम सिदार, प्रकाश पाल, ए. के. सिंह, आशीष कोसम, जे. आर. मण्डावी, राजेश जयसवाल, जी. एस. नुखटी, जे. आर. पैकरा, देवलाल वैद्य, ए. के. अनंत, वेदराम लहरे, एल.एल. ध्रुव, जनार्दन कोरव, अनिमेष नेताम, विजय सेन, अरविंद कुमार पाटले, प्रमोद कुमार नेताम, राम कृष्णा मिश्रा, विकास कुमार गोस्वामी, इकबाल खान, नितिन खंडुजा, नवीन प्रताप भिंग, सौरभ बख्शी, दिनकर वासनीक, मोहित कुमार जायसवाल, नीलू नोतानी और मंजू कसेर के खिलाफ चालान पेश किया था।

बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में ईओडब्ल्यू ने शनिवार को पांचवां पूरक चालान पेश किया था। 2100 पेज के चालान में ईओडब्ल्यू ने घोटाले में शामिल आबकारी अधिकारियों की भूमिका बताई। साथ ही आबकारी अधिकारियों को कोर्ट में पेश होने के लिए नोटिस जारी किया गया था।

आबकारी घोटाला मामले में ईओडब्ल्यू ने कार्रवाई करते हुए पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा, पूर्व IAS अनिल टुटेजा, अरूणपति त्रिपाठी, कारोबारी अनवर ढेबर, अरविंद सिंह, औक त्रिलोक सिंह ढिल्लन को गिरफ्तार किया था।

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