
छत्तीसगढ़ के विकास की गति को और तेजी प्रदान करने वाला साय सरकार का ‘SANKALP’ बजट , छत्तीसगढ़ का बजट 35 गुना बढ़कर हुआ 1,72,000 करोड़
नक्सलवाद के गढ़ कहे जाने वाले अबूझमाड़ और जगरगुंडा को शिक्षा के केन्द्र बिन्दु के रूप में विकसित किया जाएगा
नवा रायपुर अटल नगर, 24 फरवरी, 2026 / आज छत्तीसगढ़ विधानसभा में वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी ने छत्तीसगढ शासन का वर्ष 2026-27 का बजट प्रस्तुत किया । विकसित छत्तीसगढ़ के विजन डॉक्यूमेंट – छत्तीसगढ़ अंजोर, 2047 के लक्ष्यों की पूर्ति एवं राज्य की सतत् विकास यात्रा में उठाया गया एक कदम है। बजट में 5 नये मिशन भी शामिल किये गये हैं ।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह बजट छत्तीसगढ़ के विकास की गति को और तेजी प्रदान करेगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रदेश के सभी क्षेत्रों का संतुलित विकास हो, भविष्य के अनुरूप कार्यबल तैयार हो, आजीविका के नए अवसर उपलब्ध हों, कमजोर वर्ग अग्रणी बनें और छत्तीसगढ़ के युवाओं को आधुनिक कौशल से उन्नत किया जा सके ।
इस वर्ष का बजट SANKALP थीम पर आधारित है । SANKALP यह दर्शाता है कि सरकार केवल नीतियाँ बनाने तक सीमित नहीं है बल्कि उन्हें जमीनी स्तर पर प्रभावी रूप से लागू करने के लिए संकल्पित है, जिससे नीति का उद्देश्य परिणामों में बदल सके और विकास का प्रभाव हर नागरिक और हर क्षेत्र तक पहुँचे । यह एक संतुलित दृष्टिकोण को दर्शाता है जहाँ आर्थिक विस्तार, सामाजिक न्याय, आधारभूत संरचना निर्माण और सांस्कृतिक पहचान सभी एक साथ आगे बढ़ें।
वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी ने कहां की पिछले दो वर्षों में हासिल विकास की गति को यह बजट और तेज करने तथा छत्तीसगढ़ अंजोर, 2047 के लक्ष्यों की दिशा में आगे बढ़ने के उद्देश्य से प्रस्तुत किया गया है।
पहले बजट में GYAN के उत्थान की आधारशिला रखी गई, वहीं दूसरे बजट में GATI की रणनीति से प्रदेश के समग्र विकास को तीव्र करने की बात कही गई थी । यह बजट छत्तीसगढ़ को समृद्ध एवं खुशहाल बनाने का SANKALP है।
यह बजट समावेशी विकास, क्षेत्रीय संतुलन, मजबूत आधारभूत संरचना, मानव संसाधन विकास, अंतिम छोर तक सेवाओं की उपलब्धता तथा राज्य को निवेश के लिए आकर्षक गंतव्य बनाने पर केंद्रित है। बजट राज्य की नीति को प्रदर्शन में, निवेश को परिणामों में और आकांक्षाओं को प्रत्येक नागरिक के लिए उपलब्धियों में बदलने की दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
SANKALP का विवरण निम्नानुसार है –
S
समावेशी विकास
समावेशी विकास केवल आवश्यकता नहीं, बल्कि आज के छत्तीसगढ़ की प्रगति का मूल सिद्धांत है। यह बजट सुनिश्चित करता है कि विकास क्षेत्रीय असंतुलन को दूर करते हुए हर समुदाय, विशेष रूप से अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, पिछड़े वर्गों, किसानों, युवाओं और महिलाओं तक पहुँचे ।
A
अधोसंरचना
सड़क, सिंचाई, बिजली, शहरी विकास और डिजिटल कनेक्टिविटी के क्षेत्रों में अधोसंरचना निर्मित करने हेतु महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं। मजबूत आधारभूत संरचना आर्थिक विकास की रीढ़ है और यह राज्य की जनता के जीवन स्तर को और बेहतर बनाएगी ।
N
निवेश
बजट औद्योगिक विकास और निजी निवेश के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करता है । नीतिगत सहयोग, प्रोत्साहन, और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के माध्यम से आर्थिक गतिविधियों और रोजगार सृजन में तेजी लाई जाएगी।
K
कुशल मानव संसाधन
बजट में शिक्षा, कौशल विकास और क्षमता निर्माण पर विशेष बल दिया गया है, ताकि युवा, स्वास्थ्य, उद्योग, आईटी, पर्यटन, नये उभरते क्षेत्रों में
रोजगार मूलक कौशल प्राप्त कर सकें। यह पहल राज्य के मानव पूंजी आधार को और मजबूत बनाएगी।
A
अन्त्योदय
कमजोर और वंचित वर्गों के लिए लक्षित कल्याणकारी कार्यक्रमों के माध्यम से यह सुनिश्चित किया गया है कि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे। सामाजिक सुरक्षा और आवश्यक सेवाओं की उपलब्धता को प्राथमिकता दी गई है
L
लाईवलीहुड
कृषि एवं उससे जुड़े क्षेत्र, हस्तशिल्प एवं ग्रामीण उद्यमों को सुदृढ़ और आधुनिक कर, आजीविका के नए अवसर सृजित करने तथा आय बढ़ाने पर जोर दिया गया है। बस्तर एवं सरगुजा में आजीविका के साधनों को सशक्त करने के लिए विशेष प्रावधान किये गये हैं ।
P
पॉलिसी से परिणाम तक
बजट Intent, Initiative, Implement और Impact के मॉडल पर आधारित है, जिसके माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में Reforms को चिन्हांकित कर, उसका क्रियान्वयन सुनिश्चित किया गया है।

राजकोषीय संकेतक
राज्य का सकल घरेलू उत्पाद (GSDP) वर्ष 2025-26 में 6,31,290 करोड़ संभावित है जो वर्ष 2026-27 में 12.4% की वृद्धि के साथ 7,09,553 करोड़ अनुमानित है।
राज्य की प्रति व्यक्ति आय वर्ष 2024-25 में 1,62,848 थी, जो 2025-26 में 10.07% की वृद्धि के साथ 1,79, 244 अनुमानित है।
वर्ष 2025-26 के लिए कुल प्राप्तियाँ 1,65,100 करोड़ अनुमानित थी, जो वर्ष 2026-27 के बजट में बढ़कर 1,72,000 करोड़ अनुमानित है ।
वर्ष 2025-26 का बजट आकार 1,65,000 करोड़ था, जबकि वर्ष 2026-27 के लिए 1,72,000 करोड़ अनुमानित है। यह दर्शाता है कि व्यय में वृद्धि, प्राप्तियों के अनुरूप संतुलित है ।
राजस्व व्यय वर्ष 2025-26 में 1,38,196 करोड़ अनुमानित था, जो वर्ष 2026-27 में 1,45,000 करोड़ अनुमानित है। यह वृद्धि सामाजिक योजनाओं और कल्याणकारी कार्यक्रमों के विस्तार को दर्शाती है।
वर्ष 2026-27 में 26,500 करोड़ का पूंजीगत व्यय अनुमानित है, जो कुल बजट का 15.1% तथा GSDP का 3.7% है। यह राज्य की अधोसंरचना निर्माण के लिए निरंतर प्राथमिकता को दर्शाता है।
वित्तीय घाटा वर्ष 2026-27 में 20,400 करोड़ अनुमानित है। यह GSDP का 2.87% है, जो FRBM अधिनियम के 3% के मानक के भीतर है।
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राज्य का राजस्व घाटा 2,000 करोड़ अनुमानित है।
फ्लैगशिप योजनाएँ
कृषक उन्नति योजना
कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत 10,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इस योजना का उद्देश्य खेती में आधुनिक तकनीक, बेहतर इनपुट और उत्पादकता बढ़ाने के साथ-साथ फसल विविधीकरण को प्रोत्साहित करना है ।
महतारी वंदन योजना
महतारी वंदन योजना के तहत महिलाओं को आत्मनिर्भर, उद्यमी और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए 8,200 करोड़ का प्रावधान किया गया है । यह योजना महिलाओं की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण है ।
मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना
मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना के अंतर्गत खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु 6,500 करोड़ का बजटीय प्रावधान किया गया है। इसका उद्देश्य पात्र परिवारों को चावल, चना, शक्कर और नमक उपलब्ध कराना है ।
ऊर्जा सब्सिडी
5 एचपी तक के कृषि पंपों वाले किसानों को मुफ्त बिजली हेतु 5,500 करोड़, एकल बत्ती कनेक्शन वाले परिवारों को मुफ्त बिजली हेतु 354 करोड तथा घरेलू उपभोक्ताओं को 200 यूनिट तक आधा बिजली बिल हेतु 800 करोड़ सहित कुल 6,700 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण)
ग्रामीण क्षेत्रों में आवासहीन परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराने हेतु प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लिए 4,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है
शहीद वीर नारायण सिंह आयुष्मान स्वास्थ्य योजना
सभी नागरिकों को मुफ्त इलाज की सुविधा प्रदान करने हेतु शहीद वीर नारायण सिंह आयुष्मान स्वास्थ्य योजना में 1,500 करोड़ का प्रावधान किया गया है ।
पीएम जनमन योजना
विशेष पिछड़े जनजातीय समूहों (PVTGs) के विकास हेतु पीएम जनमन योजना अंतर्गत 720 करोड़ का प्रावधान किया गया है ।
जल जीवन मिशन
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3,000 करोड़ राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन
—
2,000 करोड़ प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना – 1,725 करोड
समग्र शिक्षा अभियान
―
1,500 करोड़ प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 825 करोड
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प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना 820 करोड़
दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना
समग्र विकास योजना (ग्रामीण विकास)
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300 करोड़
600 करोड़
10 नई योजनाएँ
Viksit Bharat G RAM G योजना
Viksit Bharat G RAM G योजना के लिए 4,000 करोड़ का बड़ा प्रावधान किया गया है। इसमें ग्रामीण क्षेत्र में वर्ष में 125 दिवस का सुनिश्चित रोजगार दिया जाएगा। साथ ही ग्रामीण विकास के लिए आवश्यक अधोसंरचना का निर्माण एवं जन-सुविधाएँ भी विकसित की जाएंगी ।
मुख्यमंत्री आदर्श शहर समृद्धि योजना
आदर्श शहर समृद्धि योजना के लिए 200 करोड़ का प्रावधान है, जिससे नगरपालिकाओं एवं नगर पंचायतों में बुनियादी अधोसंरचना, नागरिक सेवाओं, स्वच्छता इत्यादि में सुधार लाया जा सके ।
मुख्यमंत्री द्रुतगामी सड़क संपर्क योजना
द्रुतगामी सड़क संपर्क योजना के लिए 200 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इस योजना के अंतर्गत राज्य में तीव्र गति वाली 2/4 लेन सड़कों के निर्माण का लक्ष्य है ।
स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट शाला योजना
स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट शाला योजना अंतर्गत 100 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इस योजना का उद्देशय शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने पर केंद्रित है
कैशलेस चिकित्सा सुविधा
राज्य के शासकीय कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा प्रदान करने हेतु 100 करोड़ का प्रावधान है।
CG ACE
प्रतियोगी परीक्षाओं में आर्थिक
Chhattisgarh Assistance for
CG ACE
सहायता सहायता हेतु
हेतु CG
Competitive Exams
अंतर्गत 33 करोड़ का प्रावधान है। इसके 3 घटक उड़ान, शिखर एवं मंजिल के माध्यम से प्रतिभागियों को प्रवेश तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए राज्य शासन की ओर से आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
उड़ान
NEET / JEE / CLAT प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए
शिखर
मंजिल
CG VAYU
UPSC / CGPSC के लिए
—
रेलवे / बैंकिंग/ SSC के लिए
CG VAYU
—
Chhattisgarh Viability Assistance for Yatri
Udaan के लिए 30 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिसका उद्देश्य बिलासपुर, जगदलपुर एवं अंबिकापुर से हवाई सेवाओं को प्रोत्साहित करना है।
रानी दुर्गावती योजना
परिवार में बालिका के जन्म पश्चात्, बालिका के 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर 1.50 लाख रूपये दिये जाएंगे। रानी दुर्गावती योजना के लिए 15 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
मुख्यमंत्री शिक्षा सहयोग योजना
आर्थिक रूप से कमजोर मेधावी छात्र छात्राओं को पढ़ाई के लिए Rental आवासीय सुविधा हेतु आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने हेतु योजनांतर्गत 10 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
लखपति दीदी भ्रमण योजना
सरकार ने इस वर्ष को महतारी गौरव वर्ष के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। इसी क्रम में प्रदेश की लखपति दीदीयों को, सफल महिला उद्यमियों की कार्य प्रणाली तथा उनके सफल व्यवसाय मॉडल का अध्ययन करने हेतु देश के अंदर आर्थिक एवं वाणिज्यिक क्षेत्रों के Exposure Visit के लिए लखपति दीदी भ्रमण योजना में 5 करोड़ का बजट प्रावधान किया गया है।
इसके अतिरिक्त लखपति दीदी बहनों को प्रदेश के शक्ति पीठों के दर्शन की भी व्यवस्था की जाएगी।
महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण हेतु सरकार द्वारा किये जा रहे प्रयासों में निरंतरता रखते हुए इस बजट में महिलाओं के नाम पर भूमि, भवन, अचल सम्पत्ति क्रय पर भारित पंजीयन शुल्क में 50% की छूट दी जाएगी।
मुख्यमंत्री आस्था पथ (शक्ति पीठ भ्रमण ) योजना
धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राज्य के 5 शक्तिपीठ कुदरगढ़, रतनपुर, चन्द्रपुर, डोंगरगढ़ तथा दंतेवाड़ा स्थित आस्था केन्द्रों के दर्शन हेतु आस्था पथ (शक्ति पीठ भ्रमण ) योजना के लिए 5 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
छत्तीसगढ़ युवा दर्शन योजना
शासकीय स्कूलों के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को राज्य के अंदर प्रमुख ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक केन्द्रों के भ्रमण के माध्यम से छत्तीसगढ़ की समृद्ध परम्पराओं एवं सांस्कृतिक रीति-रिवाजों का ज्ञान करवाने हेतु योजनांतर्गत 5 करोड़ का प्रावधान है।
नई पहल
इस वर्ष प्रस्तुत की गई नई पहलें राज्य की उभरती हुई प्राथमिकताओं और दीर्घकालिक विकास के उद्देश्यों को प्रतिबिंबित करती हैं। इन पहलों का उद्देश्य नई संभावनाओं की पहचान कर राज्य की समावेशी प्रगति एवं आर्थिक उन्नति की दिशा में निर्णायक कदम उठाना है।
अबूझमाड़ और जगरगुंडा में एजुकेशन सिटी
अबूझमाड़ और जगरगुंडा में एजुकेशन सिटी की स्थापना के लिए 100 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इसका उद्देश्य नक्सलवाद के गढ़ कहे जाने वाले अबूझमाड़ और जगरगुंडा को शिक्षा के केन्द्र बिन्दु के रूप में विकसित किया जाएगा।
नए औद्योगिक पार्क
राज्य में 23 नए औद्योगिक पार्क स्थापित करने हेतु 250 करोड़ का प्रावधान है, जिससे औद्योगिक निवेश और रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलेगा ।
लैंड बैंक विकास योजना
लैंड बैंक विकास योजना के लिए 200 करोड़ का प्रावधान किया गया है, ताकि औद्योगिक प्रयोजन के लिए भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।
बस्तर एवं सरगुजा में औद्योगिक विकास
खाद्य, Agro Forestry, कृषि एवं कृषि संबद्ध उद्योग को बढ़ावा देने के लिए 100 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्यूफैक्चरिंग क्लस्टर 2.0
राज्य में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्यूफैक्चरिंग क्लस्टर 2.0 की स्थापना के लिए 10 करोड़ का प्रावधान है ।
सिरपुर विकास योजना
सिरपुर विकास योजना के अंतर्गत ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और पर्यटन विरासत के संरक्षण एवं विकास हेतु 42 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
मुख्यमंत्री हेल्पलाईन
जन समस्याओं के निराकरण के लिए मुख्यमंत्री हेल्प लाईन पोर्टल हेतु 22 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
अन्य महत्वपूर्ण प्रावधान
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग में नई ऑपरेशन एवं मेंटेनेंस नीति लागू करने हेतु प्रावधान किया गया है।
जिला और ब्लॉक मुख्यालयों पर सामान्य प्रशासन विभाग के आवासों के निर्माण के लिए प्रावधान है।
बस्तर और सरगुजा क्षेत्रों में पोषण स्तर को सुधारने के लिए की अतिरिक्त पोषण सहायता हेतु प्रावधान है।
जनजातीय सुरगुड़ी : जनजातीय लोक संगीत और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, रिकॉर्डिंग और प्रचार प्रसार के लिए एक समर्पित स्टूडियो स्थापित किया जाएगा ।
श्रमिकों/मजदूरों/कृषकों के दुर्घटना बीमा हेतु बजट में प्रावधान किया गया है।
राज्य में साइबर तहसील स्थापित की जाएगी, जिससे राजस्व सेवाओं में डिजिटलीकरण और त्वरित सेवाएँ सुनिश्चित की जा सकें ।
SNA-SPARSH के उन्नत क्रियान्वयन के लिए Central Treasury की स्थापना का प्रावधान है
राज्य में निर्मित हस्तशिल्प उत्पादों को बढ़ावा देने हेतु 5 प्रमुख हवाई अड्डों पर हैंडीक्राफ्ट शो-रूम स्थापित किए जाएंगे।
अनुसूचित जाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग विभागों के लिए नए विभागाध्यक्ष कार्यालय की स्थापना का प्रावधान भी शामिल है ।
वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने पर राज्य में विशेष कार्यक्रम आयोजित करने हेतु भी बजट में प्रावधान किया गया है।
5 मिशन
नई दिशा, नई धार, नई रफ्तार
छत्तीसगढ़ में विकास की नई ऊंचाईयों को छूने के लिए बजट में 5 मुख्यमंत्री मिशन का प्रावधान किया गया है जिसके माध्यम से चिन्हांकित क्षेत्रों में मिशन मोड में कार्य किया जाएगा ।
1. मुख्यमंत्री AI मिशन :-
AI मिशन का उद्देश्य राज्य को उभरती हुई प्रौद्योगिकियों में अग्रणी बनाना है, जिसके तहत युवाओं के कौशल विकास, AI आधारित स्टार्ट अप को बढ़ावा, तथा प्रशासन, कृषि, स्वास्थ्य और उद्योग क्षेत्रों में AI के उपयोग को प्रोत्साहित करना है ।
2. मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन
यह मिशन जमीनी स्तर पर खेल प्रतिभाओं की पहचान और संवर्धन के उद्देश्य से बनाया गया है। मिशन के माध्यम से प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को उत्कृष्ट प्रशिक्षण, प्रोत्साहन, आधुनिक खेल अधोसंरचना विकसित करना और राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय स्तर के प्रदर्शन के लिये तैयार करना है। महिला खिलाड़ियों की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा
3. मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन
यह मिशन राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने हेतु प्रमुख पर्यटन स्थलों और थीम आधारित सर्किटों की पहचान करना तथा विकास पर केंद्रित है। इसमें मेले, उत्सव, प्रदर्शनियां, सांस्कृतिक कार्यक्रम, होमस्टे, टूर गाईड का कौशल विकास और स्थानीय हस्तशिल्प को बढावा देना शामिल है। इससे स्थानीय स्तर पर आजीविका संवर्द्धन को और मजबूती मिलेगी।
4. मुख्यमंत्री अधोसंरचना मिशन
यह मिशन राज्य में आधारभूत संरचना विकास हेतु एक मौजूदा तथा आवश्यक महत्वपूर्ण अधोसंरचनाओं / परियोजनाओं का gap analysis करते हुए समयबद्ध और प्रभावी कार्यान्वयन के लिए स्पष्ट रोडमैप तैयार करेगा ।
5. मुख्यमंत्री स्टार्ट अप एवं NIPUN मिशन
स्टार्ट अप मिशन का उद्देश्य राज्य के युवाओं को जॉब – सीकर से जॉब – क्रिएटर बनाना है। मिशन के अंतर्गत स्टार्टअप्स को तकनीकी, वित्तीय और संस्थागत सहयोग प्रदान किया जाएगा ।
New Age Industrial Preparedness for Upskilling New Generation Youth- NIPUN मिशन युवाओं को उद्योग संगत कौशल प्रदान कर युवाओं को नयी तकनीक अधारित उद्योगों में सृजित हो रहे नवीन अवसरों के लिये तैयार करेगा ।
अगले 5 वर्षों तक इन मिशनों के लिए प्रत्येक वर्षं कम से कम 100-100 करोड़ का प्रावधान किया जाएगा ।
प्रमुख विभागों के प्रावधान
स्कूल शिक्षा हेतु 22,360 करोड़
पंचायत एवं ग्रामीण विकास हेतु 16,560 करोड
कृषि हेतु 13,507 करोड़
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति हेतु 12,820 करोड़
महिला एवं बाल विकास हेतु 11,000 करोड़
लोक निर्माण हेतु 9,451 करोड़
ऊर्जा हेतु 9,015 करोड़
गृह हेतु 8,380 करोड़
लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा हेतु 8,050 करोड़
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी हेतु 3,890 करोड़
बजट में क्षेत्र एवं समूहवार प्रमुख प्रावधान
बस्तर एवं सरगुजा
बस्तर एवं सरगुजा ओलंपिक्स हेतु 10 करोड़
जगदलपुर एवं अंबिकापुर से हवाई सेवाओं का विस्तार
मुख्यमंत्री बस सेवा योजना के लिए 10 करोड़
छत्तीसगढ़ होम स्टे के पॉलिसी लिए 10 करोड़
कुनकुरी, मनेंद्रगढ़ एवं दंतेवाड़ा में मेडिकल कॉलेज संचालन हेतु 50 करोड़ बकरी पालन, शूकर पालन एवं मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देने हेतु 15 करोड़
बस्तर में इन्द्रावती नदी पर मटनार एवं देउरगांव बैराज निर्माण हेतु 2,024 करोड़ की स्वीकृति दी गई है जिसके वित्तीय संसाधन हेतु बजट में प्रावधान किया गया है।
बीजापुर में मट्टीमारका डायवर्सन योजना
कांकेर में मेडकी बैराज निर्माण
बस्तर एवं सरगुजा में अतिरिक्त पोषण सहायता हेतु 15 करोड़
1,500 बस्तर फाइटर्स के पद सृजन हेतु प्रावधान
महिला एवं बाल विकास
महतारी वंदन योजना के लिए 8,200 करोड़
सक्षम आंगनबाड़ी एवं पोषण के लिए 2,320 करोड़
20
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के लिए 120 करोड़
मिशन वात्सल्य के लिए 80 करोड़
रानी दुर्गावती योजना के लिए 15 करोड़
लखपति दीदी भ्रमण योजना के लिए 5 करोड़
शहरी क्षेत्रों में 250 तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 500 आंगनबाड़ी केन्द्रों के निर्माण हेतु 42 करोड़
250 महतारी सदन के निर्माण हेतु 75 करोड़
किसान
कृषक उन्नति योजना के लिए 10,000 करोड़ विद्युत पंपों हेतु बिजली सब्सिडी के लिए 5,500 करोड़
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए 820 करोड़
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के लिए 250 करोड़ उद्यानिकी विश्वविद्यालय के लिए 170 करोड़
एकीकृत वाटरशेड प्रबंधन कार्यक्रम के लिए 170 करोड़ एकीकृत बागवानी विकास मिशन के लिए 150 करोड़
गन्ना किसानों को बोनस हेतु 60 करोड़
NEW YORK
डेयरी समग्र विकास योजना अंतर्गत 90 करोड़ जिसमें जगदलपुर, रायपुर और बिलासपुर के दुग्ध प्रसंस्करण संयंत्रों उन्नयन शामिल है ।
युवा
33 करोड़ – CG ACE ( प्रतियोगी परीक्षाओं हेतु सहायता )
उड़ान
NEET, CLAT, JEE
शिखर
UPSC, CGPSC
AD
मंजिल
बैंकिंग, एसएससी एवं रेलवे
रायपुर में मेगा परीक्षा केंद्र हेतु 25 करोड़
S
मुख्यमंत्री शिक्षा सहयोग योजना के लिए 10 करोड़
सभी नालंदा पुस्तकालयों में करियर काउंसलिंग केंद्र हेतु 10 करोड़ छत्तीसगढ़ युवा दर्शन योजना के लिए 5 करोड़
दुर्ग, जशपुर, रायपुर, बलौदाबाजार और रायगढ़ स्थित 5 सरकारी महाविद्यालयों में उत्कृष्टता केंद्र स्थापना हेतु 15 करोड़
36 Inc CG Innovation Centre एवं STPI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लिए 35 करोड़
IIIT में अधोसंरचना विकास हेतु 20 करोड़ का प्रावधान
नवीन CGIT रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग सहित कवर्धा, रायगढ़, जशपुर एवं जगदलपुर में CGIT संस्थानों हेतु 38 करोड का प्रावधान
आईटीआई और पॉलिटेक्निक संस्थानों के अधोसंरचना उन्नयन हेतु 50 करोड़ का प्रावधान
स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट शाला योजना के लिए 100 करोड़
25 महाविद्यालय भवन निर्माण हेतु 25 करोड़
व्यवसायिक परीक्षा मण्डल की क्षमता वृद्धि एवं विस्तार,
राज्य के विश्वविद्यालयों को अनुदान हेतु 731 करोड़
ANTA ILAF
स्वास्थ्य
शहीद वीर नारायण सिंह आयुष्मान भारत के लिए 1,500 करोड़
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत 2,000 करोड़
अंबिकापुर और धमतरी में जिला अस्पताल भवन निर्माण
दुर्ग, कोंडागांव, जशपुर और रायपुर में GNM प्रशिक्षण केंद्र
रायपुर (कालीबाड़ी) में 200 बिस्तर MCH तथा चिरमिरी में जिला अस्पताल का निर्माण
25 डायलिसिस केंद्र एवं 50 जन औषधि केंद्र
रायपुर में राज्य का पहला होम्योपैथी कॉलेज
बिलासपुर में स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट
दंतेवाड़ा, मनेंद्रगढ़, कबीरधाम, जांजगीर चांपा, कुनकुरी में मेडिकल कॉलेज
कांकेर, कोरबा, मनेंद्रगढ़, सरिया और महासमुंद में नर्सिंग कॉलेज
राजनांदगांव में फिजियोथेरेपी कॉलेज
रायपुर में उन्नत कार्डियक इंस्टीट्यूट
AMBULANCE
सत्य सांई संजीवनी अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार हेतु अधोसंरचना के लिए 25 करोड़
25 से अधिक PHC, SHC और CHC भवन निर्माण हेतु प्रावधान
FO
समाज कल्याण
सामाजिक सुरक्षा एवं कल्याण योजना हेतु 265 करोड़
मुख्यमंत्री पेंशन योजना हेतु 450 करोड़
राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना हेतु 400 करोड़
सुखद सहारा योजना हेतु 135 करोड़
मुख्यमंत्री तीर्थदर्शन योजना हेतु 20 करोड़
तृतीय लिंग कल्याण बोर्ड के लिए प्रावधान
दृष्टिबाधित एवं श्रवणबाधित बच्चों हेतु आवासीय विद्यालय की स्थापना का
प्रावधान
जनजातीय विकास
पीएम जनमन योजना के लिए 720 करोड़
धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान हेतु 200 करोड़
कोरबा में PVTGs के लिए आवासीय विद्यालय का प्रावधान
25 एसटी प्री मैट्रिक एवं पोस्ट मैट्रिक छात्रावासों हेतु 75 करोड़ तेंदूपत्ता संग्राहकों हेतु चरण पादुका योजना के लिए 60 करोड बस्तर एवं सरगुजा – जशपुर विकास प्राधिकरण हेतु 75 करोड़ बैगा एवं पुजारी को प्रोत्साहन राशि हेतु 3 करोड
जनजातीय संस्कृति के संरक्षण हेतु जनजातीय सुर-गुडी स्टूडियो की शुरूआत करने हेतु प्रावधान
अधोसंरचना
लोक निर्माण विभाग अंतर्गत 9,450 करोड़ का प्रावधान
जल संसाधन विभाग अंतर्गत 3,500 करोड़ का प्रावधान
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग अंतर्गत लगभग 4,000 करोड़ का प्रावधान
ग्रामीण विकास हेतु लगभग 3000 करोड़ का प्रावधान
नगरीय विकास हेतु 2150 करोड़ का प्रावधान
राज्य राजधानी क्षेत्र के लिए 68 करोड़
द्रुतगामी सड़क संपर्क योजना के लिए 200 करोड़
पहुंच विहीन ग्रामों पुल एवं सड़कों के निर्माण के लिए 50 करोड़
बिलासपुर, अंबिकापुर एवं जगदलपुर हवाई अड्डों के अधोसंरचना विकास हेतु 80 करोड
90 नए 33/11 KV विद्युत उपकेंद्रों के लिए 100 करोड़ प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के लिए 400 करोड़
नगर निगमों में अवसंरचना विकास हेतु 750 करोड़
स्टेडियमों के विकास हेतु 70 करोड़
PACS में नए गोदामों के निर्माण हेतु 180 करोड़
उद्योग
बस्तर एवं सरगुजा में खाद्य प्रसंस्करण, कृषि वन प्रसंस्करण एवं संबद्ध गतिविधियों को प्रोत्साहन हेतु सब्सिडी योजना के लिए 100 करोड़
औद्योगिक इकाइयों हेतु पूंजी निवेश सब्सिडी के लिए 750 करोड़ 23 नए औद्योगिक पार्कों की स्थापना हेतु 250 करोड़
लैंड बैंक विकास के लिए 200 करोड़
प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के लिए 14 करोड़
छत्तीसगढ़ ने अपने 25 वर्ष पूर्ण करते हुए रजत जयंती वर्ष को “अटल निर्माण वर्ष” के रूप में मनाया। इस अवधि में प्रदेश ने आर्थिक विकास की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति की है । इसका प्रमाण है कि राज्य निर्माण के समय जहाँ प्रदेश का बजट मात्र 4,944 करोड़ था, वहीं आज यह 35 गुना बढ़कर 1,72,000 करोड़ तक पहुँच चुका है।
वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी ने कहां की यह बजट सर्वस्पर्शी है जो समाज के सभी वर्गों, महिला, किसान, युवा, उद्यमी की महत्वाकांक्षाओं को ध्यान में रख कर तैयार किया गया है।





