रायपुर

एम्स ( AIIMS ) रायपुर में स्मार्ट नेविगेशन तकनीक से पहली द्विपक्षीय क्रमिक कॉक्लियर इम्प्लांट सर्जरी सफल , श्रवण हानि से पीड़ित चार वर्षीय बालिका की सर्जरी की गई

एम्स रायपुर को बाल श्रवण पुनर्वास एवं उन्नत कॉक्लियर इम्प्लांट सर्जरी के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर एक अग्रणी संस्थान के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

रायपुर ,15 जनवरी 2026 //अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), रायपुर ने उन्नत चिकित्सा तकनीक के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए स्मार्ट नेविगेशन (स्मार्ट नैव) तकनीक की सहायता से पहली द्विपक्षीय क्रमिक कॉक्लियर इम्प्लांट सर्जरी सफलतापूर्वक संपन्न की है। यह सर्जरी जन्मजात गंभीर द्विपक्षीय श्रवण हानि से पीड़ित चार वर्षीय बालिका में की गई।
कान, नाक एवं गला तथा हेड एंड नेक सर्जरी विभाग, एम्स रायपुर द्वारा की गई यह सर्जरी कॉक्लियर इम्प्लांटेशन में प्रयुक्त स्मार्ट नैव तकनीक के माध्यम से की गई, जो एक अत्याधुनिक नेविगेशन-सहायता प्राप्त प्रणाली है। यह तकनीक सर्जरी के दौरान इलेक्ट्रोड की सटीक स्थिति सुनिश्चित करने, शल्य-क्रिया की शुद्धता बढ़ाने, ऑपरेशन का समय कम करने तथा दीर्घकालिक श्रवण परिणामों को बेहतर बनाने में सहायक सिद्ध होती है।
यह जटिल सर्जरी आमंत्रित अतिथि संकाय डॉ. हेतल मारफतिया, प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष, कान-नाक-गला विभाग, सेठ गोविंदराम सखाराम मेडिकल कॉलेज एवं किंग एडवर्ड मेमोरियल अस्पताल, मुंबई तथा डॉ. रेनू राजगुरु, प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष, कान-नाक-गला एवं हेड एंड नेक सर्जरी विभाग, एम्स रायपुर द्वारा संयुक्त रूप से की गई। स्मार्ट नैव तकनीक सर्जरी के दौरान बेहतर मार्गदर्शन प्रदान करने के साथ-साथ इलेक्ट्रोड इंसर्शन के संबंध में रियल-टाइम फीडबैक उपलब्ध कराती है, जिससे संभावित आंतरिक आघात को न्यूनतम किया जा सकता है और श्रवण एवं वाक् विकास के परिणामों में उल्लेखनीय सुधार संभव होता है।
इस अवसर पर लेफ्टिनेंट जनरल अशोक कुमार जिंदल (सेवानिवृत्त), परम विशिष्ट सेवा मेडल, अति विशिष्ट सेवा मेडल एवं युद्ध सेवा मेडल से सम्मानित, कार्यकारी निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी, एम्स रायपुर ने सर्जिकल टीम को बधाई दी। उन्होंने जन्म से श्रवण हानि से पीड़ित बच्चों में शीघ्र पहचान एवं समय पर चिकित्सकीय हस्तक्षेप के महत्व पर बल देते हुए कहा कि नेविगेशन-सहायता प्राप्त कॉक्लियर इम्प्लांटेशन जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग एम्स रायपुर की नवीनतम चिकित्सा पद्धतियों को अपनाने तथा रोगियों और समाज को सर्वोत्तम संभव उपचार उपलब्ध कराने की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
यह उपलब्धि एम्स रायपुर को बाल श्रवण पुनर्वास एवं उन्नत कॉक्लियर इम्प्लांट सर्जरी के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर एक अग्रणी संस्थान के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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